
६३ साल पहले जो खेल गोरो ने खेला था वही आज पाकिस्तान कश्मीर में हमारे साथ खेल रहा है वो खेल है है आपस में लड़वाने का ! अलगवाद में युवाओ के साथ बच्चे भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है !जिस उम्रे में बच्चो के हाथ में खिलोने होने चाहिए उन हाथो में पत्थर और आँखों में जबरदस्त आक्रोश है ! गोलियों के सामना पत्थर से करने का जिगर अगर देश के काम आये तो कहना क्या लेकिन दुर्भाग्य आज युवा और बच्चे देश से अलग होने की मांग कर रहे है जिससे देश का हर व्यक्ति आहत है !पाक इस बात को बहुत अच्छी तरह जनता है की वो आमने सामने की लड़ाई में हमसे अहि जीत सकता इस लिए पाक ने अलगवाद की आग लगा दी और अब उसमे घी डाल डाल कर उसे और भड़का रहा है !देश अपना लोग अपने परायी है तो बस ये अलगवाद की सोच !
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